शनिवार, 16 अगस्त 2025

चिड़िया


'' ने चिड़िया पर कविता लिखी।

उसे देख '' और '' ने चिड़िया पर कविता लिखी।

तब त, , , , , ने

फिर प, , , भ और म, ने

'' ने, '' ने, '' ने

इस तरह युवा कविता की बारहखड़ी के सारे सदस्यों ने

चिड़िया पर कविता लिखी।

चिड़िया बेचारी परेशान

उड़े तो कविता

न उड़े तो कविता।

तार पर बैठी हो या आँगन में

डाल पर बैठी हो या मुंडेर पर

कविता से बचना मुश्किल

मारे शरम मरी जाए।

एक तो नंगी,

ऊपर से कवियों की नज़र

क्या करे, कहाँ जाए

बेचारी अपनी जात भूल गई

घर भूल गई, घोंसला भूल गई

कविता का क्या करे

ओढ़े कि बिछाए, फेंके कि खाए

मरी जाए कविता के मारे

नासपीटे कवि घूरते रहें रात-दिन।

एक दिन सोचा चिड़िया ने

कविता में ज़िंदगी जीने से तो मौत अच्छी

मर गई चिड़िया

बच गई कविता।

कवियों का क्या,

वे दूसरी तरफ़ देखने लगे।

 

 शरद जोशी

#समाजकीबात #samajkibaat #Sahitya #साहित्य समाजकीबात samajkibaat Sahitya साहित्य

#कृष्णधरशर्मा #Krishnadharsharma कृष्णधरशर्मा Krishnadharsharma 

 

बुधवार, 13 अगस्त 2025

ऐ बेरहम कातिल

 

क़त्ल कर शौक से मेरा तू ऐ बेरहम कातिल

गुनाह बताकर मारता तो मरने में भी मज़ा आता

                    कृष्णधर शर्मा 12.8.25

शनिवार, 9 अगस्त 2025

वक्त से पहले ही

 

बचपन की यादें क्या बता पायेगा वह भला!

कि जो वक्त से पहले ही ज़िम्मेदार हो गया

                    कृष्णधर शर्मा 8.8.25

शुक्रवार, 8 अगस्त 2025

छोड़ कर चले गए सब यार

 

जाकर भी क्या हासिल उस गली में अब बता

कि छोड़ कर चले गए सब यार जिस गली को

                       कृष्णधर शर्मा 7.8.25

छोड़ कर चले गए सब यार

 

जाकर भी क्या हासिल उस गली में अब बता

कि छोड़ कर चले गए सब यार जिस गली को

                     कृष्णधर शर्मा 7.8.25