नमस्कार,
आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम-आप बहुत कुछ पीछे छोड़कर आगे बढ़ते जाते हैं. हम अपने समाज में हो रहे सामजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक बदलावों से या तो अनजान रहते हैं या जानबूझकर अनजान बनने की कोशिश करते हैं. हमारी यह प्रवृत्ति हमारे परिवार, समाज और देश के लिए घातक साबित हो सकती है. अपने इस चिट्ठे (Blog) "समाज की बात - Samaj Ki Baat" में इन्हीं मुद्दों से सम्बंधित विषयों का संकलन करने का प्रयास मैंने किया है. आपके सुझावों का हार्दिक स्वागत रहेगा...कृष्णधर शर्मा - 9479265757

शुक्रवार, 18 जुलाई 2014

संतरे के गुण-2

संतरे में विटामिन्स एवं खनिज प्रचुर मात्रा में मौजूद होते है। ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा भी नहीं रहता। हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर जैसे रोगों से बचाव। त्वचा को जवान एवं चमकदार बनाए रखता है।

संतरा गुणों की खान होता है। इसमें विटामिन सी एवं फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं जो आपके शरीर को काफी फायदा पहुंचाता हैं।
लेकिन इसका छिलका भी कम गुणवान नहीं होता। इसके छिलके में भी सैकड़ों गुण छुपे होते हैं जो आपके शरीर को ढेरों फायदा पहुंचाते हैं। आइये जाने संतरे के छिलकों के कुछ अद्भभूत फायदे।

विटामिन एवं खनिज से भरपूर
संतरे के छिलकों में विटामिन्स एवं खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसमें मौजूद विटामिन बी में विटामिन बी 5 बी 6 और फोलेट पाए जाते हैं जो मस्तिष्क सम्बन्धी अनेकों विकारों को दूर करते हैं जैसे डिप्रेशन (अवसाद), तनाव, चिंता, माईग्रेन, इत्यादि। विटामिन बी आपके नर्वस सिस्टम को भी स्वस्थ रखता हैं।
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संतरे के छिलकों में विटामिन 'सी'
संतरे के छिलकों में विटामिन सी भी भरपूर मात्रा में मौजूद रहता है, जो आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत करता है। और जिसकी वजह से रोग आपसे दूर हीं रहते हैं। विटामिन सी की मौजूदगी में कोई भी रोग आपको आसानी से अपना शिकार नहीं बना सकता। विटामिन सी आपकी त्वचा को जवान एंव चमकदार बनाए रखता है। यह विटामिन आपके बालों को भी मजबूती प्रदान करता है, बालों को झड़ने से रोकता है एवं बाल घने एवं काला करता है।

विटामिन 'ए' की मौजूदगी
संतरे के छिलकों में विटामिन ए भी काफी मात्रा में पाया जाता है जो आपकी आंखों को तंदुरुस्ती प्रदान करता है। यह आपकी आंखों की रोशनी तेज करता है एवं आंखों के आस-पास झुर्रियां पड़ने से रोकता है। यह विटामिन आपके शरीर में रक्त संचार भी दुरुस्त करता है जिससे आप सदैव स्वस्थ रहते हैं। यह विटामिन आपके बालों को भी मजबूती प्रदान करता है जिससे आपके बाल घने होते हैं एवं जल्दी झड़ते नहीं हैं।

कैल्शियम से भरपूर
संतरे के छिलकों में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में विराजमान रहता है जो आपकी हड्डियों की तंदुरुस्ती के लिए अति आवश्यक है। इससे आपकी हड्डियां मजबूत होती हैं तथा आपको ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा भी नहीं रहता।

दिल की बीमारियों में लाभकारी
संतरे के छिलकों में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो दिल की बीमारियों को दूर करते हैं और इस तरह से इसका सेवन करने वाला व्यक्ति हार्ट एटेक, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर जैसे रोगों से बचा रहता है। इन सबका एक प्रमुख कारण यह है कि संतरे के छिलके कोलेस्ट्रोल को कम करते हैं जिसकी वजह से आपकी रक्त वाहिनियां प्लेक से अवरोधित नहीं होतीं और आपके शरीर में रक्त संचार सुचारू रूप से होता रहता है।

कब्ज में फायदेमंद
संतरे के छिलकों में पेक्टिन पाया जाता है जिसे प्राकृतिक फाइबर के रूप में भी जाना जाता है। इसकी वजह से आपकी पेट की सारी बीमारियां दूर रहती हैं। यह कब्ज को दूर करने में बहुत हीं प्रभावकारी होता है।

वजन को नियंत्रण में रखना
संतरे के छिलकों में ऐसे गुण होते हैं जो आपकी भूख को नियंत्रण में रखते हैं तथा वजन बढ़ने नहीं देते। जिनका वजन बढ़ गया है उनके लिए यह बहुत ही उपयोगी है क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से वजन कम करता है। आपके शरीर को बिना कोई नुकसान पहुंचाए।

कैंसर से बचाव करना
संतरे के छिलके आपको फेफड़ों के कैंसर से भी बचाते हैं। इसके अलावा यह स्तन कैंसर, कोलोन कैंसर, पेट के कैंसर, गले के कैंसर, इत्यादि से भी आपका बचाव करता है।

इसका प्रयोग कैसे करें?
आप संतरे के छिलकों को सुखाकर उसकी चाय बनाकर पी सकते हैं जिससे आपका वजन कम हो सकेगा एवं आपको अन्य लाभ भी मिलेंगे। अक्सर संतरे के छिलकों को सुखाकर उसका पाउडर तैयार कर लिया जाता है फिर उसे चाय के रूप में पीया जाता है या अन्य खाद्य पदार्थों के साथ। मेडिकल स्टोर्स में इसके पाउडर इसके उपयोग की विधि के साथ उपलब्ध रहते हैं।

संतरे के गुण-1


संतरा सेहत के लिए अच्छा है यह बात जगमान्य है। कहते है, संतरा सेहत देने के साथ साथ शरीर की सफ़ाई भी करता है। इस सफ़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं संतरे के रेशे। संतरे के रस में इन रेशो की कमी होती है इसलिए संतरे को उसके रस से अधिक महत्व देना चाहिए।
संतरे में विटामिन ए, बी, सी और कैलशियम काफी मात्रा में पाए जाते है। विटामिन सी के लिए तो संतरे का कोई पर्याय नही है। इसका विटामिन सी मांसपेशियों के लिये भोजन में से कैलाशियम अवशोषित करने में मदद करता है। सूर्यकिरणों के द्वारा संतरे का स्टार्च शक्कर में परिवर्तित हो जाता है। यह शक्कर मानव रक्त में अपेक्षाकृत शीघ्रता से समाहित होती है। इसी कारण संतरा खाने के बाद एकदम चुस्ती महसूस होती है।
नियमित रूप से संतरे को आहार में शामिल करने से सर्दी, खांसी या रक्तस्त्राव की शिकायत नहीं रहती। शरीर सशक्त और दीर्घायु बनता हैं। रात को सोते समय और फिर से सुबह संतरा खाने से हाजमा ठीक रहता है।
संतरे के छिलके भी गुणकारी है। फुन्सी, छालों और मुहासों पर संतरे का ताज़ा छिलका पीस कर लगाने से संक्रमण का भय नहीं रहता। साथ ही यह चेहरे के दाग धब्बों को भी दूर करता है। संतरे का छिलका सुखा कर और उसका चूर्ण बना कर अनेक दवाओं में प्रयोग किया जाता है। शहद के साथ संतरे का रस दिल की बीमरी में फ़ायदेमंद होता है। यह एक अच्छा सेहतमंद पेय है। बच्चों को दिन में ६० से १२० मिली लीटर रस रोज़ देना चाहिए जबकि एक वयस्क के लिए इसकी मात्रा २०० मिली लीटर मानी गई है। संतरे का रंग बहुत ही सुंदर होता है लेकिन आज कल तरह-तरह की कीटाणुनाशक दवाओं से खबरदार रहना ज़रूरी है।
संतरा अपने स्वास्थ्यवर्धक गुणों के कारण आज पूरी दुनिया में लोकप्रिय है किन्तु पन्द्रहवीं शताब्दी से पहले यूरोप के देशों को संतरे की जानकारी नहीं थी। कुछ लोगों का विश्वास है कि कोलंबस ने अपनी यात्राओं के दौरान इसकी खोज की और यूरोप को इससे परिचित कराया। उस समय इसका सेवन दुर्लभ फल के रूप में केवल धनी परिवारों तक सीमित था। १६वीं शताब्दी में जब स्पेन के नाविकों ने अमरीका की नियमित यात्राएँ शुरू कीं तो यह फल यूरोप से अमरीका पहुँच गया।
आजकल लगभग संपूर्ण विश्व में संतरे की खेती होती है। पैदावार की दृष्टि से ब्राज़ील, अमेरिका, मेक्सिको, स्पेन, इटली, चीन, मिस्र, टर्की, मोरोक्को और ग्रीस देश सबसे अधिक संतरों का उत्पादन करते हैं। फ्लोरिडा में ८४००० एकड़ से भी ज़्यादा ज़मीन पर संतरे की खेती की जाती है। करीब १२५ मिलीयन डॉलर कीमत के ३४ मिलीयन बक्सों में संतरे भर कर दुनियाभर में भेजे जाते हैं। भारत में नागपुर और उसके आसपास के स्थान संतरे की अच्छी और अधिक पैदावार के लिए प्रसिद्ध हैं। नागपुर में संतरों की एक बड़ी मंडी भी है और इस नगर को नारंगी नगर या आरेंज सिटी के नाम से भी जाना जाता है।
केवल संतरा ही नहीं, संतरे का रस निकालने पर बचनेवाला गूदा और छिलके भी बड़े काम की चीज़ होते हैं। बचे हुए बीज और छिलके केक, कैन्डी, शीतपेय आदि में इस्तेमाल होते हैं। इसको हर प्रकार के खाद्य पदार्थो में रंग और सुगंध के रूप में प्रयोग किया जाता है। भोजन के अतिरिक्त रूम फ्रेशनर, सौन्दर्य प्रसाधन और हर प्रकार के साबुनों मे भी संतरे की सुगंध का प्रयोग होता है।
इस फ्रूट का प्रयोग सफाई करने के लिये किया जा सकता है। सूखा छिलका लीजिये और उसे मिक्‍सर में पीस लीजिये और उसमें सिरका मिला दीजिये और फिर इससे टेबल, शीशा और धातु साफ कीजिये। इसके प्रयोग से हल्‍के कपड़ों पर पड़े हुए दाग भी आराम से छुटाए जा सकते हैं। कपडो़ की अलमारी में कीडे़ ना लगे इसके लिये उसमें संतरे का छिलका रख दें। संतरे के छिलके को दूध में पीसकर छान लें। इसे कच्चे दूध व हल्दी में मिलाकर चेहरे पर लगाये। इससे जहां चेहरे के दुश्मन मुहांसों-धब्बों का नाश होता है, वहीं त्वचा जमक उठता है। आज हम जानेगे कि संतरे का छिलका हमारे स्‍वास्‍थ्‍य, त्‍वचा और यहां तक की घर के लिये कैसे प्रयोग किया जा सकता है। तो आज के बाद से संतरा खा कर उसके छिलके को रखना मत भूलियेगा।