इस मॉर्डन लाइफस्टाइल में देर रात खाना कई लोगों की एक आम आदत बन गई है, फिर वो चाहे बिजी वर्क शेड्यूल की वजह से हो कोई सोशल गैदरिंग हो या फिर लेट नाइट क्रेविंग्स। हालाँकि, हेल्थ एक्सपर्ट ने हमेशा से ही देर रात में खाना खाने को लेकर चेतावनी दी है कि रात का खाना देर से खाना, खासतौर पर रात 9 बजे के बाद पूरे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। आइए जानते हैं देर रात खाना खाने से होने वाले नुकसान के बारे में...
9 बजे के बाद खाना खाने के तुरंत बाद सोने से पेट
भारी लगता है और नींद में बाधा आती है। साथ ही, एसिड
रिफ्लक्स की समस्या हो सकती है, जिससे सीने में
जलन और बेचैनी महसूस होती है। अच्छी नींद के लिए खाने और सोने के बीच कम से कम 2-3
घंटे का अंतर रखना चाहिए।
वजन बढ़ने का खतरा बढ़ना
देर रात डिनर करने वाले लोगों में मोटापे का खतरा
ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रात में कैलोरी बर्न नहीं हो पाती और शरीर इसे
स्टोर कर लेता है। इसके अलावा, देर से खाने के
बाद सोने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस भी बढ़ सकता है, जो
डायबिटीज और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर का कारण बन सकता है।
हार्ट डिजीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा
देर रात खाना खाने से इंसुलिन रेजिस्टेंस और
कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है। ये दोनों ही दिल की बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
हार्मोनल इंबैलेंस
शरीर का सार्केडियन रिदम हार्मोन्स को कंट्रोल
करता है। देर रात खाने से कोर्टिसोल और इंसुलिन का लेवल इंबैलेंस हो सकता है,
जिससे थकान, मूड स्विंग और
लंबे समय में हार्मोनल डिसऑर्डर हो सकते हैं।
खराब पाचन और सूजन
हमारे शरीर का हर फंक्शन सार्केडियन रिदम के
मुताबिक काम करती है। जब हम देर रात को खाना खाते हैं, तो यह
रिदम बिगड़ने लगती है। दरअसल, रात में
मेटाबॉलिज्म उतना तेज नहीं होता, जितना दिन के
समय होता है। इसलिए जब हम देर रात खाना खाते हैं, तो
खाना पचाने में हमें ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे
अपच, गैस, एसिडिटी और
ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।
रात में खाना खाने का सही समय क्या है?
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक रात के खाने के लिए
सबसे अच्छा समय शाम 6 बजे से 8 बजे के बीच है,
जिससे सोने से पहले शरीर को भोजन पचाने के लिए पर्याप्त समय मिलता है।
यह मेटाबॉलिज्म को हेल्दी बनाए रखने, पाचन में सुधार
करने और लंबे समय में होने वाली बीमारियों को रोकने में मदद करता है।
समाज की बात samajkibaat
कृष्णधरशर्मा Krishnadharsharma