नमस्कार,
आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम-आप बहुत कुछ पीछे छोड़कर आगे बढ़ते जाते हैं. हम अपने समाज में हो रहे सामजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक बदलावों से या तो अनजान रहते हैं या जानबूझकर अनजान बनने की कोशिश करते हैं. हमारी यह प्रवृत्ति हमारे परिवार, समाज और देश के लिए घातक साबित हो सकती है. अपने इस चिट्ठे (Blog) "समाज की बात - Samaj Ki Baat" में इन्हीं मुद्दों से सम्बंधित विषयों का संकलन करने का प्रयास मैंने किया है. आपके सुझावों का हार्दिक स्वागत रहेगा...कृष्णधर शर्मा - 9479265757

शनिवार, 17 मार्च 2012

कितनी खूबसूरत थी वो

पति ( पत्नी से ) : कल सपने में एक लड़की आई थी। बता नहीं सकता कितनी खूबसूरत थी वो।
पत्नी: अकेले आई होगी ना!
पति : तुम्हें कैसे पता?
पत्नी: क्योंकि उसका पति मेरे सपने में आया था।

एक-एक करके पीटा

संता: कल मुझे दस लोगों ने पीटा।
बंता: ओह! कैसे भला?
संता: मैंने उनसे कहा कि अगर दम है तो एक- एक कर आओ।
बंता: फिर क्या हुआ?
संता: सबने एक-एक करके पीटा।

सब्जी वाला मुझे सब्जी महंगी देता है

संता: जब भी मैं अच्छे कपड़े पहन कर जाता हूं सब्जी वाला मुझे सब्जी महंगी देता है।
बंता: ऐसा कर तू कल से कटोरा लेकर जाया कर।

आपकी दाल में मक्खी गिर गई थी

पप्पू: पापा आपकी दा...

पापा: पप्पू कितनी बार कहा है कि खाना खाते वक्त बीच में मत बोला करो।

खाना खाने के बाद...

पापा: पप्पू, हां अब बोलो, क्या कह रहे थे।

पप्पू: पापा मैं तो केवल इतना कह रहा था कि आपकी दाल में मक्खी गिर गई थी।

मेरे जैसा दूसरा आदमी

पति (पत्नी से): मेरे मरने के बाद तुम्हें मेरे जैसा दूसरा आदमी नहीं मिलेगा।

पत्नी (पति से): तुम्हें किसने कह दिया कि मैं दूसरा आदमी तुम्हारे जैसा चाहती हूं।

900 चूहे खाकर बिल्ली हिल भी नहीं सकती

टीचर : इस वाक्य को पूरा करो। 900 चूहे खाकर बिल्ली......चली।

संता
: 900 चूहे खाकर बिल्ली टेढ़ी-मेढ़ी चली।

टीचर ने थप्पड़ मारा और कहा
: ओए मूर्ख, तुझे इसका जवाब भी नहीं पता है ?

संता
: सर, आपका लिहाज किया मैंने। 900 चूहे खाकर बिल्ली हिल भी नहीं सकती, मैंने तो फिर भी टेढ़ी-मेढ़ी चला दी।

मोबाइल में सांप वाला

मरीज (डॉक्टर से) : आप तो कहते थे कि सुबह-सुबह गेम खेलूंगा तो अच्छी हेल्थ हो जाएगी पर मुझे तो कोई फायदा नहीं हुआ।
डॉक्टर: कौन सा गेम खेलते थे?
मरीज : मोबाइल में सांप वाला।

तो आपका तबादला कब का हो चुका होता सर!

टीचर (स्टूडेंट से): सच्चे मन से मांगो तो भगवान सारी दुआएं पूरी करते हैं।
स्टूडेंट: बिलकुल झूठ है सर।
टीचर: क्यों ?
स्टूडेंट: अगर ऐसा होता तो आपका तबादला कब का हो चुका होता सर।

जूडो कराटे की एक्सपर्ट है

"आपका बेटा बहुत बोलता था, उसका क्या हाल है?'

'अब ज्यादा नहीं बोलता।'

'अरे! यह चमत्कार कैसे हो गया?'

'मैंने उसकी शादी एक ऐसी लड़की से करवा दी है जो जूडो कराटे की एक्सपर्ट है।'

शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2012

आप छुप जाईये

दादा अपने पोते से: छुप जाओ, आज तुम स्कूल
से भाग कर आये हो,
और तुम्हारे टीचर यहीं आ रहे हैं!
पोता: आप छुप जाईये,
मैंने उन्हें बताया था कि आप मर गए हैं!!!!!

मेडल किसलिए मिला ?

संता : तुम्हे यह बड़ा मेडल किसलिए मिला ?

बंता : गाना गाने के लिए.

संता : और यह छोटा मेडल ?

बंता : गाना बंद करने के लिए … !!!

बाप ही तो है ना

संता अपने बाप के सामने सिगरेट पी रहा था.

संता का दोस्त : ओए, पापा के सामने सिगरेट …. ?

संता : बाप ही तो है ना, कोई पेट्रोल पम्प थोड़े ही हैं … !!!

इसीलिए तो उसे स्वर्ग कहते हैं

पत्नी – सुना है स्वर्ग में पति-पत्नी को साथ नहीं रहने देते ?

पति – हां । इसीलिए तो उसे स्वर्ग कहते हैं …....

लव लैटर है

संता ने एक खाली कागज को किस किया !
बंता : ये क्या है ?
संता : मेरी गर्लफ्रेंड का लव लैटर है
बंता : मगर ये तो खाली है !
संता : आज कल हम एक दूसरे से बात नहीं करते है !

साधू बनने

पत्नी (पति से)- मेरी तो कोई संतान नही हैं इसलिए सोचती हूं कि अपनी सारी जयदाद किसी साधू को दान कर दूं।

ये सुनकर पति उठकर जाने लगा।

पत्नी- तुम कहां जा रहे हो?

पति (गंभीरता से)- साधू बनने।

दोस्त को गोली मार दी

संता ने अपनी बीवी को अपने एक दोस्त के साथ रोमांस करते देख लिया।

उसने आव देखा ना ताव बंदूक उठाई और दोस्त को गोली मार दी।

बीवी ने ये देखा और गुस्से में आ कर बोली।

बीवी- तुम अपने गुस्से पे काबू रखो, वरना एक दिन अपने सारे दोस्तो से हाथ धो बैठोगे..

मंगलवार, 21 फ़रवरी 2012

मै डिस्टर्ब नहीं कर सकता

संता ने घर पे अपनी बीबी को फोन लगाया...नौकर ने उठाया...
संता नौकर से...अपनी मालकिन से बात करवाओ...
नौकर: मालकिन तो सो रही है साहब भी हैं...मै डिस्टर्ब नहीं कर सकता...
संता: क्या बकता है साले...साहब तो मै हूँ...
नौकर: तो मै क्या करूँ...

अब नेताओं की बात का क्या भरोसा!!

नेताओं की बस एक पेड़ से टकरा गई। कुछ नेता मौके पर ही मर गए कुछ अंतिम सांसे ले रहे थे।
दुर्घटना को देख किसान आए और खेत में गड्ढा खोदकर नेताओं को दबा दिया।
कुछ देर बाद जांच के लिए पुलिस भी पहुंची
पुलिसः जब आपने नेताओं को दफनाया तो क्या वो कुछ कह रहे थे
किसानः हां सर, कुछ जिंदा थे और कह रहे थे वो मरे नहीं हैं
पुलिसः फिर तुमने उन्हें दफना क्यों दिया
किसानः साहब वो नेता जो थे, अब नेताओं की बात का क्या भरोसा!!

सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ

एक वकील के बेटे को उसकी मां ने थप्पड़ जड़ दिया
बेटा रोता हुआ पिता के पास गया और बोला, मां ने मुझे बेवजह पीटा है
ये सुनकर एक थप्पड़ पिता ने भी जड़ दिया
थप्पड़ जड़ कर पिता बोला, वकील के बेटे हो और ये भी नहीं पता कि सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ अपील हाई कोर्ट में नहीं होती, दादा के पास जाओ, इस मामले में अब राष्ट्रपति ही कुछ कर सकते हैं।

रविवार, 22 जनवरी 2012

जीप घोटाला

 स्वतन्त्र भारत का पहला घोटाला 
 सन् 1947 में देश को स्वतन्त्रता मिली और उसके साथ ही देश भारत और पाकिस्तान में बँट गया। उसके मात्र एक साल बाद यानी कि सन् 1948 में पाकिस्तानी सेना ने भारत की सीमा में घुसपैठ करना आरम्भ कर दिया उस घुसपैठ को रोकने के लिए भारतीय सैनिक जी-जान से जुट गए.  भारतीय सेना के लिए जीपें खरीदने का भार व्ही.के. कृष्णा मेनन को, जो कि उस समय लंदन में भारत के हाई कमिश्नर पद पर थे, सौंपा गया। जीप खरीदी के लिए श्री मेनन ने ब्रिटेन की कतिपय विवादास्पद कंपनियों से समझौते किये और वांछित औपचारिकताएँ पूरी किए बगैर ही उन्हें एक लाख 72 हजार पाउंड की भारी धनराशि अग्रिम भुगतान के रूप में दे दिया। उन कंपनियों को 2,000 जीपों के लिए क्रय आदेश दिया गया था किन्तु ब्रिटेन से भारत में 155 जीपों, जो कि चलने की स्थिति में भी नहीं थीं, की मात्र एक ही खेप पहुँची। तत्कालीन विपक्ष ने व्ही.के.कष्णा मेनन पर सन 1949 में जीप घोटाले का गंभीर आरोप लगाया। उन दिनों कांग्रेस की तूती बोलती थी और वह पूर्ण बहुमत में थी, विपक्ष में नाममात्र की ही संख्या के सदस्य थे। विपक्ष के द्वारा प्रकरण के न्यायिक जाँच के अनुरोध को रद्द करके अनन्तसायनम अयंगर के नेतृत्व में एक जाँच कमेटी बिठा दी गई। बाद में 30 सितम्बर 1955 सरकार ने जाँच प्रकरण को समाप्त कर दिया। यूनियन मिनिस्टर जी.बी. पन्त ने घोषित किया, “सरकार इस मामले को समाप्त करने का निश्चय कर चुकी है". यह तो इक क्षणिक धटना है यू ही भुला दी जाएगी।