सामाजिक मुद्दों से सम्बंधित लेखों और विचारों का संग्रह

नमस्कार,

आज की इस व्यस्त और भागदौड़ भरी जिंदगी में हम बहुत कुछ पीछे छोड़कर आगे बढ़ते जाते हैं. अपने समाज में हो रहे बदलावों से या तो अनभिज्ञ रहते हैं या तो जान-बूझकर भी अनजान बन जाते हैं. हमारी यह प्रवृत्ति हमें अंतर्मुखी और स्वार्थी बनाती है, जो कि इस समाज के लिए हितकारी नहीं है. यहाँ पर कुछ ऐसे ही मुद्दों से सम्बंधित लेख और विचारों का संग्रह करने का मैंने प्रयास किया है. (कृष्णधर शर्मा- 9479265757) facebook.com/kdsharmambbs

रविवार, 29 मई 2016

सब को बचाने के लिए


हवा को बचाना है, पानी को बचाना है

पृथ्वी को बचाना है, जीवों को बचाना है 

पेड़ को बचाना है, जंगल को बचाना है

जंगल में रहनेवाले जानवरों को बचाना है

झरने को बचाना है, नदी को बचाना है

बह सके जिसमें नदी, उस पहाड़ को बचाना है

बेटी को बचाना है, बूढ़े माँ-बाप को बचाना है

तेजी से बिखरते हुए, समाज को बचाना है

मानव को बचाना है, मानवता को बचाना है

मगर देखना मरने न पाए तुम्हारी आँखों का पानी

क्योंकि इन सब को बचाने के लिए जरूरी  

तुम्हारी आँखों के कोरों में पानी को बचाना है

                   (कृष्ण धर शर्मा, २०१६)