सामाजिक मुद्दों से सम्बंधित लेखों और विचारों का संग्रह

नमस्कार,

आज की इस व्यस्त और भागदौड़ भरी जिंदगी में हम बहुत कुछ पीछे छोड़कर आगे बढ़ते जाते हैं. अपने समाज में हो रहे बदलावों से या तो अनभिज्ञ रहते हैं या तो जान-बूझकर भी अनजान बन जाते हैं. हमारी यह प्रवृत्ति हमें अंतर्मुखी और स्वार्थी बनाती है, जो कि इस समाज के लिए हितकारी नहीं है. यहाँ पर कुछ ऐसे ही मुद्दों से सम्बंधित लेख और विचारों का संग्रह करने का मैंने प्रयास किया है. (कृष्णधर शर्मा- 9479265757) facebook.com/kdsharmambbs

मंगलवार, 20 सितंबर 2016

ईमानदारी की नौकरी


थक तो बहुत जाता हूँ
इस 12 घंटे की
ईमानदारी की नौकरी में मैं
मगर यह सोचकर
तसल्ली भी मिलती है मुझे
कि अब अच्छी और गहरी
नींद तो आएगी मुझको
जो लाखों बेईमानों की
किस्मत में नहीं है
कभी-कभी
अपनी ईमानदारी पर
पछतावा भी होता है मुझे
कि देखो तो जरा
कितने आगे निकल गए हैं
मेरे ही साथ चलने वाले
मगर तसल्ली भी होती है
जब कुछ दूर चलने पर
मिलते हैं वाही लोग
थके-हारे से जीवन के
पथरीले पहाड़ों पर
यही सोचते हुए से
कि रास्ते में छोड़ आये हैं
जो जीवन के सुनहरे पल
कि अब वापस लौटने की
नहीं बची है गुंजाईश
रत्ती भर भी!
          (कृष्ण धर शर्मा, 9.2016)