जैसे गाँधी को
पीटरमैरिटज़बर्ग में धक्का देकर
ट्रेन से उतार दिया गया था
मुझे भी हिन्दी के नस्ली लेखकों ने
दिल्ली जाने वाली ट्रेन से
गोरखपुर में धक्का देकर
उतार दिया था
फिर मैं कहीं नहीं गया
जहाँ भी गया
मेरा नाम गया
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Sahitya साहित्य
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